PM Modi has an unbreakable relationship with Kashi, has been working continuously for the last 7 years

नई दिल्ली. 15 मार्च 2014 का दिन, बीजेपी के लिए बड़ा दिन था, सुबह से बीजेपी में चहल पहल बढ़ी हुई थी. सभी को इंतज़ार था, लोकसभा (loksabha Election 2014) में बचे हुए उम्मीदवारों के नामो की घोषणा की. हालांकि 2014 लोकसभा चुनाव को लेकर पहली चुनाव समिति की बैठक 27 फरवरी को हो चुकी थी और उसी दिन 54 नामों की घोषणा भी की जा चुकी थी. दूसरी चुनाव समिति की बैठक बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह की अध्क्षयता में हो चुकी थी, लेकिन बीजेपी ने नामों की घोषणा नहीं की.

बाकी बचे नामो की घोषणा की संभावना 15 मार्च 2014 को बताया गया था. सभी पत्रकारों को केवल इस बात की जिज्ञासा थी कि आखिर बीजेपी के पीएम उम्मीदवार कहां से चुनाव लड़ते हैं. आखिर इंतज़ार खत्म हुआ, बीजेपी ने 15 मार्च को शाम में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी. पार्टी ने फैसला लिया कि नरेंद्र मोदी अहमदाबाद के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के वाराणसी से भी चुनाव लड़ेंगे. पार्टी का ये फैसला सभी के लिए हैरान करने वाले थे. हालांकि पार्टी के फैसले के बाद राजनीतिक पंडितों ने इस फैसले का आंकलन शुरू कर दिया. कई ने इस फैसले को पार्टी का मास्टर स्ट्रोक बताया तो कई ने कहा कि नरेंद्र मोदी को वाराणसी से चुनाव लड़ाना, पूर्वांचल के सीटों पर प्रभाव डालने के लिए उठाया गया है.

पार्टी को धन्यवाद किया
लेकिन इन राजनीतिक पंडितों के चर्चाओं के बीच गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के मन मे कुछ और ही चल था. नाम की घोषणा के बाद ही नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया और पार्टी को धन्यवाद करते हुए लिखा कि चुनाव लड़ने का मौका देने के लिए पार्टी को धन्यवाद और गंगा माता और काशी विश्वनाथ के आशीर्वाद से मिशन 272 एक वास्तविकता बन जाएगा.’

रोड शो में भारी भीड़
नरेंद्र मोदी चुनाव अहमदाबाद से भी लड़ रहे थे, लेकिन उनका मन शुरुआत से वाराणसी के तरफ था. 24 अप्रैल 2014 का दिन नरेंद्र मोदी और काशी के रिश्ते का अटूट दिन रहा. नरेंद्र मोदी ने फैसला लिया कि 24 अप्रैल के दिन वे वाराणसी से अपना नामांकन भरेंगे. पार्टी ने इसकी बड़ी तैयारी की. 24 अप्रैल को नरेंद्र मोदी सबसे पहले बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी पहुंचे और उन्होंने मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और फिर मोदी ने नदेसर से कचहरी इलाके तक करीब दो किलोमीटर का रोड शो किया. रोड शो ने सबकुछ साफ कर दिया था. 2 किलोमीटर के रास्ते को तय करने में नरेंद्र मोदी को घंटों लग गए. सड़कों के दोनों तरफ लोगो का तांता लगा हुआ था. रोड शो के बाद नरेंद्र मोदी ने कचहरी में अपना नामांकन भरा. कचहरी के बाहर मीडिया का जमावड़ा लगा हुआ था और इंतज़ार था कि मोदी नामांकन के बाद लोगो को क्या संदेश देते है.

गंगा मां’ ने बुलाया है
नामांकन के दिन पीएम ने सबकुछ साफ कर दिया, वाराणसी की धरती में उन्होंने कहा कि उन्हें बीजेपी ने वाराणसी नहीं भेजा, न ही वह आए हैं बल्कि उन्हें ‘गंगा मां’ ने बुलाया है. उन्होंने काशी को आध्यात्मिक राजधानी के रूप में पहचान मिलने की प्रतिबद्धता जताई साथ ही उन्होंने कहा ‘भगवान बुद्ध ने यहीं सारनाथ की धरती पर उपदेश दिया था मुझे इस भूमि की सेवा करने का अवसर मिला है. मैं चाहता हूं कि सारे विश्व में काशी की जय-जयकार हो. इस बयान से नरेंद्र मोदी और काशी के रिश्तों की शुरुआत हो चुकी थी.

मोदी का स्वागत
वाराणसी में लोकसभा वोटिंग से पहले एक बार फिर नरेंद्र मोदी ने 8 मई 2014 को जाने का कार्यक्रम बनाया. पार्टी ने बड़े तरीक़े से इसकी तैयारी की. लेकिन चुनाव आयोग, राज्य प्रसाशन के आदेश पर नरेंद्र मोदी को रैली की इजाज़त नहीं दी. बीजेपी के बड़े नेता राज्य सरकार के इस फैसले के विरोध में बीएचयू गेट के मदनमोहन मालवीया मूर्ति के सामने धरने पर भी बैठ गए. राज्य प्रसाशन के विरोध की वजह से ये तय हुआ कि नरेंद्र मोदी वाराणसी आएंगे लेकिन सड़क रास्ते पर अपनी गाड़ी से नहीं निकलेंगे और पार्टी की क्लोज डोर मीटिंग करेंगे. 8 मई 2014 शाम को नरेंद्र मोदी को वाराणसी आना था. वहां के लोगों को पता था कि रोड रास्ते मे नरेंद्र मोदी अपनी कार से निकलेंगे भी नहीं, बावजूद उसके सुबह से ही बीएचयू चौराहे से बीजेपी पार्टी दफ्तर तक लोगों का हुजूम उमड़ने लगा. शाम तक का आलम ही कुछ और था. वहां के लोगों के उत्साह देखने लायक थी. लोग मोदी के एक झलक के लिए लालायित थे. वाराणसी की सड़क मोदीमय हो गयी थी. मोदी के रोड शो में जमकर भीड़ उमड़ी. रोड शो के पूरे रास्ते में, केसरिया रंग की टोपी पहने समर्थकों ने मोदी का स्वागत किया और ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए.

धमाकेदार जीत
17 मई को लोकसभा चुनाव के परिणाम आया. बीजेपी को चुनाव में अप्रत्याशित जीत मिला. नरेंद्र मोदी को अहमदाबाद और वाराणसी दोनों जगहों से जीत मिली. जीत के तुरंत बाद नरेंद्र मोदी ने फैसला लिया कि इस जीत के बाद वे सबसे पहले वाराणसी जाएंगे और वहां के लोगो को धन्यवाद देने के साथ गंगा आरती और काशी विश्वनाथ में पूजा अर्चना करेंगे. नरेंद्र मोदी के इस फ़ैसले का मजमून साफ था की वाराणसी को लेकर चुनाव से पहले जो वायदे और बातें कही थी वो केवल चुनावी नही, बल्कि वाराणसी की पहचान दिलाने के लिए उनके मन मे कुछ बड़ा चल रहा है.

18 मई 2014 को पीएम चुनाव में जीत के बाद फिर वाराणसी पहुचे. और वहां गंगा आरती की और काशी विश्वनाथ की पूजा अर्चना की. और फिर नरेंद्र मोदी और काशी के रिश्ते की एक नई इबारत की शुरुआत हो गयी थी. पीएम का चुनाव में जीतने के बाद काशी को प्राथमिकता देना इस बात को साफ कर दिया था की काशी से मोदी का रिश्ता केवल चुनावी नही था. और फिर शुरू हुआ नरेंद्र मोदी और काशी का रिश्ता लगातार चलता रहा. 2014 से 2021 तक पीएम ने 26 दिन वाराणसी में बिताए है. जब भी पीएम वाराणसी पहुचे उन्होंने वहां के लोगो से मुलाक़ात की और क्षेत्र के विभिन्न योजनाओं को अमलीजामा पहनाया. कोविड कला में भी पीएम लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये क्षेत्र से जुड़े रहे.

साल 2014
17 मई- गंगा आरती
7 और 8 नवंबर- अस्सी घाट स्वच्छता अभियान, जयपुरा गांव, Trade Falicitation Centre का फाउंडेशन स्टोन
25 दिसंबर- मदन मोहन मालवीया नेशनल मिशन की शुरुआत, वाराणसी महोत्सव की शुरुआत

साल 2015
18 सितंबर- बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी स्थित ट्रॉमा सेंटर को देश को समर्पित किया. वाराणसी में 45 हजार करोड़ रुपये की इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम की शुरुआत की. वाराणसी रिंग रोड फेज-1 की आधारशिला रखी और बाबतपुर एयरपोर्ट से शहर के लिए सड़क का सुधार समेत सात अन्य प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ किया. इसके बाद वे 12 दिसंबर को जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ गंगा आरती में शामिल हुए थे.

साल 2016
22 जनवरी- महामना एक्सप्रेस की शुरुआत की और सामाजिक अधिकारिता शिविर में दिव्यांगों को सहायता और मशीनें दी.
1 मई- वाराणसी में ई-बोट्स स्कीम की शुरुआत की और ई-रिक्शा वितरित किए.

साल 2017
3-4 मई को वाराणसी में कई विकास कार्यों का शुभारंभ किया.
22- 23 सितंबर- पीएम ने वाराणसी स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल को देश को समर्पित किया और वीडियो लिंक के जरिए महामना एक्सप्रेस की शुरुआत की.

साल 2018
12 मार्च- फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल का अवलोकन
14 जुलाई- पीएम ने करीब 900 करोड़ रुपये के अहम कार्यों की शुरुआत की. इनमें वाराणसी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट और वाराणसी-बलिया मेमू ट्रेन शामिल है.
17- 18 सितंबर- बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पीएम ने पुरानी काशी के लिए IPDS, अटल इंक्यूबेशन सेंटर जैसे कई विकास कार्यों को हरी झंडी दिखाई.
11- 12 नवंबर: पीएम ने 2400 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ किया. उन्होंने गंगा नदी पर बने मल्टीमॉडल टर्मिनल को देश को समर्पित किया. इस दौरान उन्होंने वाराणसी रिंग रोड फेज 1 का उद्घाटन किया और राष्ट्रीय राजमार्गों के कई प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की.
29 दिसंबर- वाराणसी में One District One Product Summit में हुए शामिल

साल 2019
22 जनवरी- प्रवासी भारतीय दिवस की शुरुआत की. दीनदयाल हस्तकला संकुल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया.
19 फरवरी- पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर अस्पताल का उद्घाटन किया और 3350 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत की.
8 मार्च- नेशनल वूमेन लिवलीहुड कांफ्रेंस में शामिल
25 अप्रैल- गंगा आरती, रोड शो, कार्यकर्ता सम्मेलन
27 मई- काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा

साल 2020
16 फरवरी- काशी एक रूप अनेक कार्यक्रम में शिरकत, काशी महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी, 236 प्रोजेक्ट की शुरुआत

साल 2021
21 मई- वाराणसी के डॉक्टरों के साथ चर्चा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये
15 जुलाई- बीएचयू हॉस्पिटल का दौरा, कई स्वास्थ्य केंद्रों का अवलोकन
25 अक्टूबर- 5200 करोड़ के परियोजना का उद्घाटन, PM Ayushman Bharat Health Mission का उद्घाटन

Tags: Kashi, PM Modi

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